उत्तराखण्ड

पिथौरागढ़ में बारिश का एक बार फिर से विकराल रूप, दुकान, जीप और बाइक बही

मंगलवार रात हुई जोरदार बारिश पहाड़ के जिलों के लिए फिर मुसबीत साबित हुई है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और अल्मोड़ा में भारी बारिश के कारण कई रास्ते बंद हो गए हैं। वहीं पिथौरागढ़ के बंगापानी तहसील के तुम्ती में एक बार फिर बारिश आपदा साबित हुई है। भारी बारिश के कारण उफान पर आए नाले में एक दुकान, एक बाइक और एक जीप बह गई है। प्रकृति के कोप को देखते हुए लुमती – बाँसबगड के लोगों में दहशत । बहुत सारे लोगों ने घर छोड़ दिए हैं। क्षेत्र में पूरी रात भूस्ख्लन का खतरा बढ़ गया है।

पिथौरागढ़ जिले में टनकपुर-तवाघाट हाइवे घाट के निकट पहाड़ से मलबा आने के कारण बंद है। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई । इसके अतिरिक्त 26 और मार्ग बंद हैं। वहीं चंपावत में भी मंगलवार देर रात से लगातार बारिश से टनकपुर चम्पावत राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित है। बुधवार सुबह तेज बारिश के कारण चल्थी और आठवां मील के पास जबरदस्त मलवा आ गया, जिससे यातायात बाधित हो गया है। साथ ही एनएच में कई अन्य स्थानों पर सड़क किनारे मलबा लगातार गिर रहा है। एनएच के ईई एलडी मथेला ने बताया कि हाइवे खोलने के लिए मौके पर जेसीबी तैनात कर दी गई है। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ मलबा आने के कारण हाईवे खोलेने में दिक्कतें आ रही हैं ।

पिथौरागढ़ जिले के बंद मार्ग 

चीन सीमा को जाड़ने वाले तीन मार्गों में तवाघाट लिपूलेख मार्ग को मंगलवार को 26 दिनों बाद खोल दिया गया था। लेकिन सीमा को जोड़ने वाले दो मार्ग अब भी बंद हैं। तवाघाट- सोबला- तिदांग, थल – मुनस्यारी मार्ग , मसूरीकांठा- होकरा, नाचनी – बांसबगड़, बांसबगड़- गूटी, पौड़ी -गटकूना, छिरकिला -जम्कू, सोसा- सिर्खा,  गिनी बैंड- समकोट, बांसबगड़- माणीधामी, नाचनी – भैंस्कोट, मदकोट-दारमा, बंगापानी -जाराजिबली, स्यांकुरी- धामीगांव,  संगौड़ दशौली- दाणू, कालिका – खुम्ती, सानदेव- ननपांभू, देवलथल -कनालीछीना, सुकौली- रसैपाटा, सानदेव- मुवानी,  बडारी – कांंटेबोरा, दिगतोली – द्यूरी, छेड़ा – आगर ,  दबार- डोबालखेत,  कालीविनायक – जाबुकाथल- हजेती। इसके अलावा जिले की काली और गोरी नदी का जलस्तर भी बढ़ा है।

बागेश्वर के अतिवृष्टि से तीन मकान क्षतिग्रस्त

बागेश्वर जिले में सोमवार की रात भी झमाझम बारिश हुई थी। जिससे तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 13 सड़कों पर मलबा और बोल्डर गिर गए। यह सड़कें यातायात के लिए बंद हो गईं हैं। शहर में जखेड़ा पेयजल योजना पिछले तीन दिन से ध्वस्त है। जिससे करीब सात हजार लोग पिछले छह दिनों से पेयजल के लिए तरस रहे हैं। वहीं, अतिवृष्टि से करीब 50 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। जिले बागेश्वर नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी के आसपास जाने से बचने के लिए प्रशासन लगातार चेतावनी जारी कर रहा है।

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