बांग्लादेश में कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गा पूजा, 33,851 पंडालों में हो रहे आयोजन

दुर्गा पूजा पर पांच दिन की छुट्टी

ढाका। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के प्रमुख धार्मिक पर्व दुर्गा पूजा को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। त्योहार के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पूजा स्थलों पर पुलिस और विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की गई है। इस बीच प्रधानमंत्री तारिक रहमान और राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने हिंदू समुदाय को दुर्गा पूजा की बधाई देते हुए धार्मिक स्वतंत्रता, समान अधिकार और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया है।

देशभर में 33,851 पंडालों में दुर्गा पूजा

बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल देशभर में कुल 33,851 स्थानों पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इनमें राजधानी ढाका के 258 पूजा पंडाल शामिल हैं। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार पंडालों की संख्या में लगभग 1,500 की वृद्धि हुई है। दुर्गा पूजा बांग्लादेश के हिंदू समुदाय का सबसे बड़ा वार्षिक धार्मिक उत्सव माना जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था

दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पूजा पंडालों में पुलिसकर्मियों की तैनाती के अलावा सादे कपड़ों में भी जवान निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था में विशेष अभियान दल, त्वरित कार्रवाई टीमें और बम निरोधक दस्ते भी शामिल किए गए हैं।

पुलिस मुख्यालय और विभिन्न इकाइयों में निगरानी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। स्पेशल रिस्पॉन्स बटालियन-2 ने खुफिया निगरानी बढ़ाने, नियमित गश्त करने और प्रमुख स्थानों पर जांच चौकियां स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन भी संचालित की जा रही है।

मूर्ति विसर्जन के दौरान निगरानी के लिए हेलिकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने की योजना है। प्रशासन ने एक मोबाइल एप भी शुरू किया है, जिसके माध्यम से लोग पूजा स्थलों पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की सूचना सीधे कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचा सकेंगे।

प्रधानमंत्री का संदेश- धर्म व्यक्तिगत, राज्य सभी नागरिकों का

प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने शुक्रवार को दुर्गा पूजा के अवसर पर हिंदू समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोगों से बिना किसी भय के उत्सव मनाने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की अपील की। बीएसएस के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजन देश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

रहमान ने धार्मिक सद्भाव और नागरिकों के समान अधिकारों पर जोर देते हुए कहा, “धर्म व्यक्ति का है, जबकि राज्य सबका है। धर्म की परवाह किए बिना हर किसी को सुरक्षा का अधिकार है।”

उन्होंने कहा कि सरकार सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित, मानवीय और कल्याणकारी देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रतिबद्धता में किसी व्यक्ति के धर्म, राजनीतिक विचार या जातीय पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मंगलवार को चटगांव में एक दुर्गा पूजा स्थल का दौरा भी करने वाले हैं।

राष्ट्रपति ने धार्मिक स्वतंत्रता को बताया जरूरी

राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने भी दुर्गा पूजा पर हिंदू समुदाय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ बंगाल की सामाजिक संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत से भी जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच आपसी समझ और सौहार्द को बढ़ावा देते हैं।

राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार हिंदू धार्मिक संस्थानों और पूजा स्थलों के प्रबंधन, नवीनीकरण तथा विकास में सहयोग कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सभी धार्मिक समुदाय बिना किसी भेदभाव और असुरक्षा के अपने त्योहार मना सकें।

उन्होंने कहा कि धर्म लोगों को सत्य, न्याय, संयम और मानव कल्याण का रास्ता दिखाते हैं। ऐसे में धार्मिक स्वतंत्रता और सभी नागरिकों को समान अधिकार उपलब्ध कराना जरूरी है।

बांग्लादेश की आबादी में करीब आठ प्रतिशत हिंदू

वर्ष 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश की लगभग 17 करोड़ आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी करीब आठ प्रतिशत है। इस समुदाय के लिए दुर्गा पूजा सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक धार्मिक आयोजनों में शामिल है।

इस वर्ष सरकार ने हिंदू समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए कार्यकारी आदेश के माध्यम से दुर्गा पूजा की छुट्टी बढ़ाकर तीन दिन कर दी है। शुक्रवार और शनिवार की नियमित साप्ताहिक छुट्टियों को मिलाकर लोगों को 16 से 20 अक्टूबर तक लगातार पांच दिन का अवकाश मिल रहा है।

पूजा पंडालों के लिए आर्थिक सहायता भी बढ़ाई

दुर्गा पूजा के आयोजन को सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार ने पूजा पंडालों को दी जाने वाली सहायता में भी बढ़ोतरी की है। बीएसएस की रिपोर्ट के मुताबिक, पंडालों के लिए सरकारी आवंटन चार करोड़ टका से बढ़ाकर पांच करोड़ टका कर दिया गया है। वहीं, प्रत्येक पंडाल के लिए चावल का आवंटन 500 किलोग्राम से बढ़ाकर 600 किलोग्राम किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, पूजा आयोजनों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने और छुट्टियों में विस्तार जैसे कदमों के बीच बांग्लादेश में दुर्गा पूजा मनाई जा रही है। सरकार की ओर से धार्मिक स्वतंत्रता, समान अधिकार और सभी समुदायों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है।

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